Republic Day Shayari In Hindi 2022 | Top 150+ 26 January Shayari

नमस्कार स्वागत हैं, आपका Eachhow हिंदी ब्लॉग में. मेरा नाम विक्की शर्मा हैं. आज के पोस्ट में जानेंगे Republic Day Shayari के बारे में. जैसाकि आप सभी जानते हैं, Republic Day को 26 जनवरी को मनाया जाता हैं. इसी दिन भारत का संबिधान लागू हुआ था, जिसमें सभी देशों के संबिधान को रूल्स को जोड़कर भारत का संबिधान बना हैं. इसीलिए भारत का संबिधान लचीला और कठोर हैं. 

Republic Day Shayari In Hindi | Top 150+ 26 January Shayari

भारत में रिपब्लिक डे को गणतंत्र दिवस भी कहते हैं और इस दिन गवर्मेंट के द्वरा ऑफिसियल छुट्टी होता हैं. इसी दिन भारत के प्राइम मिनिस्टर और प्रेजिडेंट लाल किले पर फ्लैग फहराते हैं. ना सिर्फ ऐसा रेड फोर्ट में होता हैं, बल्कि स्कूल में भी 1 दिन पहले फ्लैग फहराया जाता हैं. रिपब्लिक डे के दिन प्रेजिडेंट अगल – अगल विषयों के बारे में स्पीच देते है और हर किसी को रिपब्लिक डे की शुभकामनाएं देते हैं. 

अगर आप भी अपने चाहने वालो को सबसे पहले रिपब्लिक डे की शुभकामनाएं देना चाहते हैं, तो आपको यहां लेटेस्ट हिंदी में Republic Day की Shayari मिलेगी. जिसे आप हर किसी के साथ रिपब्लिक डे मना सकते हैं. तो आईये रिपब्लिक डे शायरी एक दूसरे के साथ शेयर करते हैं. 

Republic Day Shayari

टूथपेस्ट में नमक हो या न हो,

लेकिन खून में देश का नमक होना जरूरी हैं.

दिल एक है जान एक है हमारी,

हिंदुस्तान हमारा है ये शान है हमारी.

सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है,

देखना है ज़ोर कितना बाजू ए कातिल में हैं.

जमाने भर में मिलते है आशिक कई,

मगर वतन से खुबसूरत कोई सनम नहीं होता.

ना सर झुका है कभी और ना झुकायेंगे कभी,

जो अपने दम पे जियें सच में ज़िन्दगी है वही.

आओ झुक कर सलाम करे उनको, जिनके हिस्से मे ये मुकाम आता है, ख़ुसनसीब होता है वो खून जो देश के काम आता है, हॅपी रिपब्लिक डे।

उसे यह फिक्र है हरदम नया तर्जे जफा क्या है… उसे यह फिक्र है हरदम नया तर्जे जफा क्या है हमें यह शौक हैं देखें सितम की इंतहा क्या है….

ए शहीद-ए-मुल्क-ओ-मिल्लत मैं तेरे ऊपर निसार…

ए शहीद-ए-मुल्क-ओ-मिल्लत मैं तेरे ऊपर निसार,

अब तेरी हिम्मत का चरचा गैर की महफ़िल में है

सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है

वक्त आने दे बता देंगे तुझे ऐ आसमान….

दुश्मन की गोलियों का हम सामना करेंगे…

दुश्मन की गोलियों का हम सामना करेंगे

आजाद ही रहे हैं, आजाद ही रहेंगे…

वह गुलशन जो आबाद था गुजरे जमाने में

मैं शाखे खुश्क हूं उजड़े गुलिश्तां का

कुछ कर गुजरने की अगर,

तमन्ना उठती हो दिल में,

तो भारत माँ का नाम सजाओ,

दुनिया की महफिल में.

मेरे हर कतरे – कतरे में हिंदुस्तान लिख देना,

और जब मौत हो, तन पे तीरंगे का कफन देना,

यही ख्वाहिश खुदा हर जन्म हिन्दुस्तान वतन देना,

अगर देना तो दिल में देशभक्ति का चलन देना.

लहराएगा तिरंगा अब सारे आसमां पर,

भारत का नाम होगा सब की जुबान पर,

ले लेंगे उसकी जान या दे देंगे अपनी जान,

कोई जो उठाएगा आँख हमारे हिंदुस्तान पर.

वतन हमारा मिसाल मोहब्बत की,

तोड़ता है दीवार नफरत की,

खुशनसीबी हमारी जो मिली जिंदगी इस चमन में,

भुला न सकेंगे इसकी खुशबु सातों जन्म में.

भूख , गरीबी , लाचारी को,

इस धरती से आज मिटायेंगे,

भारत के भारतवासी को,

उसके सब अधिकार दिलायेंगे,

आओ सब मिलकर नये रूप,

में गणतंत्र दिवस मनाएं.

भारत के गणतंत्र का, सारे जग में मान,

दशकों से खिल रही , उसकी अद्भुत शान,

सब धर्मो को देकर मान रचा गया इतिहास का,

इसलिए हर देशवासी को इसमें है विश्वास.

वतन हमारा ऐसे ना छोड़ पाए कोई,

रिश्ता हमारा ऐसे ना तोड़ पाए कोई,

दिल हमारा एक है एक है हमारी जान,

हिन्दुस्तान हमारा है हम है इसकी शान.

ना जियो धर्म के नाम पर,

ना मरो धर्म के नाम पर,

इंसानियत ही है धर्म वतन का,

बस जियों वतन के नाम पर.

बता दो आज इन हवाओं को,

जला कर रखो इन चिरागों को,

लहू देकर जो ली आजादी,

टूटने ना देना ऐसे प्रेम के धागों को.

याद रखेंगे वीरो तुमको हरदम,

यह बलिदान तुम्हारा है,

हमको तो है जान से प्यारा,

यह गणतंत्र हमारा है.

बंद करो ये तुन आपस में,

खेलना अब खून की होली,

उस मा को याद करो,

जिसने खून से चुन्नर भिगोली.

आज़ादी का जोश कभी कम ना होने देंगे,

जब भी ज़रूरत पड़ेगी देश के लिए जान लुटा देंगे,

क्योंकि भारत हमारा देश है,

अब दोबारा इस पर कोई आंच ना आने देंगे.

ना पूछो ज़माने से कि क्या हमारी कहानी है,

हमारी पहचान तो बस इतनी है कि,

हम सब हिन्दुस्तानी हैं.

ना सरकार मेरी है!

न रौब मेरा है!

ना बड़ा सा नाम मेरा है!

मुझे तो एक छोटी सी बात का गर्व है,

मैं “हिन्दुस्तान” का हूँ और “हिन्दुस्तान” मेरा है.

इंडियन होने पर करीए गर्व,

मिलके मनाएं लोकतंत्र का पर्व,

देश के दुश्मनों को मिलके हराओ,

हर घर पर तिरंगा लहराओ.

आज शहीदों ने है तुमको, अहले वतन ललकारा,

तोड़ो गुलामी की जंजीरें, बरसाओ अंगारा,

हिन्दू – मुस्लिम – सिख हमारा, भाई – भाई प्यारा,

यह है आजादी का झंडा, इसे सलाम हमारा.

इस दिन के लिए वीरो ने,

अपना खून बहाया है,

झूम उठो देशवासियो,

गणतंत्र दिवस फिर आया है.

हम भम्न चाहते हैं

मगर जुल्म के खिलाफ,

अगर जंग लाजमी है

तो फिर जंग ही सही.

दे सलामी इस तिरंगे को,

जिस से तेरी शान हैं,

सर हमेशा ऊँचा रखना इसका,

जब तक दिल में ज्ञान हैं।

जय हिन्द , जय भारत.

सबके अधिकारों का रक्षक,

अपना ये गणतंत्र पर्व है,

लोकतंत्र ही मंत्र हमारा,

हम सबको इस पर्व पर गर्व है.

मैं इसका हनुमान हूँ,

ये देश मेरा राम है,

छाती चीर के देख लो,

अन्दर बैठा हिन्दुस्तान है.

किसकी राह देख रहा, तुम खुद सिपाही बन जाना,

सरहद पर ना सही, सीखो आंधियारो से लढ पाना.

देश भक्तो की बलिदान,

से स्वतंत्रा हुए है हम,

कोई पूछे कोन हो तो,

गर्व से कहेंगे भारतीय है हम.

भारत माता तेरी गाथा, सबसे उँची तेरी शान,

तेरे आगे शीश झुकाए, दे तुझको हम सब सम्मान।

हैप्पी रिपब्लिक डे 2022.

Republic Day Shayari 2022

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दे सलामी इस तिरंगे को

जिस से तेरी शान हैं,

सर हमेशा ऊँचा रखना इसका

जब तक दिल में जान हैं..!!

जय हिन्द, जय भारत.

भूख, गरीबी, लाचारी को, इस धरती से आज मिटायें,

भारत के भारतवासी को, उसके सब अधिकार दिलायें

आओ सब मिलकर नये रूप में गणतंत्र मनायें.

ऐ मेरे वतन के लोगों तुम खूब लगा लो नारा

ये शुभ दिन है हम सब का लहरा लो तिरंगा प्यारा

पर मत भूलो सीमा पर वीरों ने है प्राण गँवाए

कुछ याद उन्हें भी कर लो जो लौट के घर न आये.

इस दिन के लिए वीरो ने अपना खून बहाया है,

झूम उठो देशवासियों गणतंत्र दिवस फिर आया है.

कुछ कर गुजरने की गर तमन्ना उठती हो दिल में,

भारत माँ का नाम सजाओ दुनिया की महफिल में.

ना पूछो ज़माने से कि क्या हमारी कहानी है

हमारी पहचान तो बस इतनी है कि हम सब हिन्दुस्तानी हैं ।

वतन की ख़ाक से मर कर भी हम को उन्स बाक़ी है

मज़ा दामान-ए-मादर का है इस मिट्टी के दामन में ।

ऐ मेरे वतन के लोगों तुम खूब लगा लो नारा

ये शुभ दिन है हम सब का लहरा लो तिरंगा प्यारा

पर मत भूलो सीमा पर वीरों ने है प्राण गँवाए

कुछ याद उन्हें भी कर लो जो लौट के घर न आये।

भारत माता तेरी गाथा

सबसे ऊंची तेरी शान

तेरे आगे शीश झुकाएं

दें तुझको हम सब सम्मान

भारत माता की जय ।

सभी भारत वासियों को

रिपब्लिक डे की हार्दिक शुभकामनाएं

मेरी दुआ है मेरे देश पैर किसी की नज़र न लगे

ऐसे ही फूलों की तरह महेकता रहे ।

दाग गुलामी का धोया है जान लुटा कर,

दीप जलाये है कितने दीप भुझा कर,

मिली है जब यह आज़ादी तो फिर इस आज़ादी को…

रखना होगा हर दुश्मन से आज बचाकर ।

हैप्पी रिपब्लिक डे.

सारे जहाँ से अच्छा,

हिन्दोस्ताँ हमारा

हम बुलबुलें हैं इसकी,

यह गुलिस्ताँ हमारा.

चलो फिर से आज वो नजारा याद कर लें

शहीदों के दिलो में थी जो वो ज्वाला याद कर लें

जिसमें बहकर आजादी पहुची थी किनारे पे

देशभक्ति के खून की वो धारा याद कर लें.

बलिदानों का सपना सच हुआ

देश तभी आजाद हुआ

आज सलाम करें उन वीरों को

जिनकी शहादत से ये गणतन्त्र हुआ.

मैं तो सोया था गहरी नींद मैं

सरहद पर था जवान जगा रात सारी,

ये सोच कर नींद मेरी उड़ गयी

जवान कर रहा रक्षा हमारी.

अलग है भाषा, धर्म जात,

और प्रांत, भेष, परिवेश,

पर हम सब का एक ही गौरव है,

राष्ट्रध्वज तिरंगा श्रेठ.

याद रखेंगे वीरो तुमको हरदम,

यह बलिदान तुम्हारा है,

हमको तो है जान से प्यारा यह गणतंत्र हमारा है.

देश भक्तो की बलिदान से

स्वतंत्रा हुए है हम

कोई पूछे कोन हो

तो गर्व से कहेंगे

भारतीय है हम.

कुछ नशा तिरंगे की आन है

कुछ नशा मातृभूमि की शान का है

हम लहराएँगे हर जगह ये तिरंगा

नशा ये हिंदुस्तान की शान का है.

ना पूछो ज़माने से कि क्या हमारी कहानी है

हमारी पहचान तो बस इतनी है कि हम सब हिन्दुस्तानी हैं.

चलो फिर से खुद को जगाते हैं

अनुशासन का डंडा फिर घुमाते हैं

याद करें उन शूरवीरों को क़ुरबानी

जिनके कारण हम इस लोकतंत्र का आनंद उठाते हैं.

तीन रंग का है तिरंगा

ये ही मेरी पहचान है

शान देश की, आन देश की

हम तो इसकी ही सन्तान हैं.

बता दो आज इन हवाओं को

जला कर रखो इन चिरागों को

लहू देकर जो ली आजादी

टूटने ना देना ऐसे प्रेम के धागों को.

राष्ट्र के लिए मान-सम्मान रहे

हर एक दिल में हिन्दुस्तान रहे

देश के लिए एक-दो तारीख नही

भारत माँ के लिए ही हर सांस रहे.

लहराएगा तिरंगा अब सारे आसमां पर

भारत का नाम होगा सब की जुबान पर

ले लेंगे उसकी जान या दे देंगे अपनी जान

कोई जो उठाएगा आँख हमारे हिंदुस्तान पर.

वो शमा जो काम आये अंजुमन के लिए

वो जज्बा जो कुर्बान हो जाये वतन के लिए

रखते है हम वो हौसले भी जो मर मिटे हिंदुस्तान के लिए.

मै भारतवर्ष का हरदम अमित सम्मान करता हूँ,

यहाँ की चांदनी मिट्टी का ही गुणगान करता हूँ,

मुझे चिंता नहीं है स्वर्ग जाकर मोक्ष पाने की,

तिरंगा हो कफ़न मेरा, बस यही अरमान रखता हूँ.

आज शहीदों ने है तुमको, अहले वतन ललकारा,

तोड़ो गुलामी की जंजीरें, बरसाओ अंगारा,

हिन्दू-मुस्लिम-सिख हमारा, भाई-भाई प्यारा,

यह है आजादी का झंडा, इसे सलाम हमारा.

वतन हमारा ऐसा कोई न छोड़ पाये,

रिश्ता हमारा ऐसा कोई न तोड़ पाये,

दिल एक है एक है जान हमारी,

हिंदुस्तान हमारा है हम इसकी शान है.

नहीं सिर्फ जश्न मनाना, नहीं सिर्फ झंडे लहराना,

ये काफी नहीं है वतन पर, यादों को नहीं भुलाना,

जो कुर्बान हुए उनके लफ़्ज़ों को आगे बढ़ाना,

खुदा के लिए नही ज़िन्दगी वतन के लिए लुटाना,

हम लाएं है तूफ़ान से कश्ती निकाल के,

इस देश को रखना मेरे बच्चों संभाल के.

इंडियन होने पर करीए गर्व,

मिलके मनाएं लोकतंत्र का पर्व,

देश के दुश्मनों को मिलके हराओ,

हर घर पर तिरंगा लहराओ.

संस्कार, संस्कृति और शान मिले,

ऐसे हिन्दू, मुस्लिम और हिंदुस्तान मिले,

रहे हम सब ऐसे मिल-झुल कर,

मंदिर में अल्लाह और मस्जिद में भगवान मिले.

भारत के गणतंत्र का, सारे जग में मान,

दशकों से खिल रही, उसकी अद्भुत शान,

सब धर्मो को देकर मान रचा गया इतिहास का,

इसलिए हर देशवासी को इसमें है विश्वास.

वतन हमारा ऐसे ना छोड़ पाए कोई,

रिश्ता हमारा ऐसे ना तोड़ पाए कोई,

दिल हमारा एक है एक है हमारी जान.

हिन्दुस्तान हमारा है हम है इसकी शान.

आज़ादी का जोश कभी कम ना होने देंगे

जब भी ज़रूरत पड़ेगी देश के लिए जान लुटा देंगे

क्योंकि भारत हमारा देश है

अब दोबारा इस पर कोई आंच ना आने देंगे.

ये नफरत बुरी है ना पालो इसे

दिलों में नफरत है निकालो इसे

ना तेरा, ना मेरा, ना इसका, ना उसका

ये सब का वतन है बचालो इसे.

Republic Day Hindi Shayari

भारत देश की आन में शायरियां देश की शान में कहना चाहूँगा।

दूध मांगोंगे खीर दे देंगे, दूध मँगोगे खीर दे देगे कश्मीर मांगने की सोची न, भारत माता की कसम हर जगह से चीर देंगे।

भारत माता का बेटा हूँ हल्के में न लेना। भारत माता की तरफ गंदी नजर उठाने से पहले एक बार मुझसे जरूर मिल लेना।

खून से लिखी कहानी है भारत के इतिहास की, ये मेरी नहीं खुद भारत माता की जुबानी है, मेरी तो छोड़ ही दो, भारत की आजादी के पीछे न जाने कितनों की कुर्बानी है।

कोई दम का मेहमां हूं एक अहले महफिल… कोई दम का मेहमां हूं एक अहले महफिल चरागे शहर हूं, बुझा चाहता हूं हवा में रहेगी मेरे ख्याल की बिजली ये मुश्ते खाक है, फानी रहे न रहे॥

दहर से क्यों खफा रहें, चर्ख का क्यों गिला करें

सारा जहां अदू सही आओ मुकाबला करें.

आज शहीदों ने है तुमको, अहले वतन ललकारा,

तोड़ो गुलामी की जंजीरें, बरसाओ अंगारा,

हिन्दू-मुस्लिम-सिख हमारा, भाई-भाई प्यारा,

यह है आजादी का झंडा, इसे सलाम हमारा

मुझे ना तन चाहिए, ना धन चाहिए

बस अमन से भरा यह वतन चाहिए

जब तक जिन्दा रहूं, इस मातृ-भूमि के लिए

और जब मरुँ तो तिरंगा कफ़न चाहिये।

याद रखेंगे वीरो तुमको हरदम,

यह बलिदान तुम्हारा है,

हमको तो है जान से प्यारा यह गणतंत्र हमारा है।

कुछ नशा तिरंगे की आन का है,

कुछ नशा मातृभूमि की शान का है,

हम लहरायेंगे हर जगह ये तिरंगा,

नशा ये हिंदुस्तान के सम्मान का है।

सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है…

सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है

देखना है ज़ोर कितना बाज़ु-ए-कातिल में है

करता नहीं क्यूँ दूसरा कुछ बातचीत,

देखता हूँ मैं जिसे वो चुप तेरी महफ़िल में है….

महान देशभक्तों के बलिदान से आजाद हुए हैं हम, इसलिए उनके सम्मान में आज इकट्ठा हुए हैं हम।

दुश्मन की गोलियों का हम करेंगे सामना, जो बुरी नजर रखे भारत पर, भारत माता की कसम उसका नामोनिशान है मिटाना।

तैरना है तो समंदर में तैरो नदी नालों में क्या रखा है, प्यार करना है तो वतन से करो इस बेवफ़ा लोगों में क्या रखा है गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं…

भारत के गणतंत्र का, सारे जग में मान; दशकों से खिल रही, उसकी अद्भुत शान; सब धर्मों को देकर मान रचा गया इतिहास; इसीलिए हर देशवासी को इसमें है विश्वास। गणतंत्र दिवस की बधाई !

असली गणतंत्र तभी बनता है जब संविधान कागज से निकलकर आम लोंगो के जिंदगी में शामिल हो जाये। आओ कुछ ऐसा कर दिखाएँ कि सब को हम पर मान हो जाये। गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं!

आजाद भारत में जीते हैं हम,

आगे बढ़ने का ख्वाब देखते हैं हम,

भारत फिर से सोने की चिड़िया बन जाए,

ऐसी कोशिश करते हैं हम।।

गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

भारत के गणतंत्र का, सारे जग में मान,

दशकों से खिल रही, उसकी अद्भुत शान,

सब धर्मो को देकर मान रचा गया इतिहास का,

इसलिए हर देशवासी को इसमें है विश्वास…

एक सैनिक ने क्या खूब कहा है…

किसी गजरे की खुश्बू को महकता छोड़ आया हू,

मेरी नन्ही सी चिड़िया को चहकता छोड़ आया हू,

मुझे छाती से अपनी तू लगा लेना ए भारत मा,

मैं अपनी मा की बाहों को तरसता छोड़ आया हू.

गणतंत्र दिवस मुबारक हो

मैं मुस्लिम हूँ, तू हिंदू है, हैं दोनो इंसान,

ला मैं तेरी गीता पढ़ लूँ, तू पढ़ ले क़ुरान,

अपने तो दिल में है दोस्त बस एक ही अरमान,

एक थाली में खाना खाए सारा हिन्दुस्तान

कर जस्बे को बुलंद जवान

तेरे पीछे खड़ी आवाम

हर पत्ते को मार गिरायेंगे

जो हमसे देश बटवायेंगे।

Republic Day Shayari Hindi 2022

चलो फिर से खुद को जगाते हैं; अनुशासन का डंडा फिर घुमाते हैं; याद करें उन शूरवीरों को क़ुरबानी; जिनके कारण हम इस लोकतंत्र का आनंद उठाते हैं…

वतन हमारा मिसाल मोहब्बत की, तोड़ता है दीवार नफ़रत की, मेरी खुश नसीबी, मिली ज़िंदगी इस चमन में भुला ना सके कोई इसकी ख़ुश्बू सातों जनम में…

शहीदों की मजारों पर लगेंगे हर बरस मेले…

शहीदों की मजारों पर लगेंगे हर बरस मेले

वतन पर मरने वालों का यही बाकी निशां होगा

कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी

सदियों रहा है दुश्मन दौरे जहां हमारा

यह नगर सौ मरतबा लूटा गया है…

दिल की बर्बादी का क्या मज्कूर है

यह नगर सौ मरतबा लूटा गया है

महफिल उनकी, साकी उनका

आंखें मेरी बाकी उनका

तुम तरस नहीं खाते, बस्तियाँ जलाने में…

लोग टूट जाते हैं, एक घर बनाने में

तुम तरस नहीं खाते, बस्तियाँ जलाने में

हर धड़कते पत्थर को, लोग दिल समझते हैं

उम्र बीत जाती है, दिल को दिल बनाने में…

जला अस्थियाँ बारी-बारी…

जला अस्थियाँ बारी-बारी

चिटकाई जिनमें चिंगारी,

जो चढ़ गये पुण्यवेदी पर

लिए बिना गर्दन का मोल

कलम, आज उनकी जय बोल….

जो अगणित लघु दीप हमारे…

जो अगणित लघु दीप हमारे

तूफानों में एक किनारे,

जल-जलाकर बुझ गए किसी दिन

माँगा नहीं स्नेह मुँह खोल

कलम, आज उनकी जय बोल….

ऐ ज़मीं माँ तिरी ये उम्र तो आराम की थी…

बोझ उठाए हुए फिरती है हमारा अब तक

ऐ ज़मीं माँ तिरी ये उम्र तो आराम की थी

नक़्शा ले कर हाथ में बच्चा है हैरान

कैसे दीमक खा गई उस का हिन्दोस्तान

दौलत ना अता करना मौला, शोहरत ना अता करना मौला… दौलत ना अता करना मौला, शोहरत ना अता करना मौला बस इतना अता करना चाहे जन्नत ना अता करना मौला शम्मा-ए-वतन की लौ पर जब कुर्बान पतंगा हो होठों पर गंगा हो, हाथों में तिरंगा हो होठों पर गंगा हो, हाथों में तिरंगा हो बस एक सदा ही सुनें सदा बर्फ़ीली मस्त हवाओं में बस एक दुआ ही उठे सदा जलते-तपते सेहराओं में जीते-जी इसका मान रखें मर कर मर्यादा याद रहे हम रहें कभी ना रहें मगर इसकी सज-धज आबाद रहे जन-मन में उच्छल देश प्रेम का जलधि तरंगा हो होठों पर गंगा हो, हाथों में तिरंगा हो होठों पर गंगा हो, हाथों में तिरंगा हो गीता का ज्ञान सुने ना सुनें, इस धरती का यशगान सुनें हम सबद-कीर्तन सुन ना सकें भारत मां का जयगान सुनें परवरदिगार,मैं तेरे द्वार पर ले पुकार ये आया हूं चाहे अज़ान ना सुनें कान पर जय-जय हिन्दुस्तान सुनें जन-मन में उच्छल देश प्रेम का जलधि तरंगा हो होठों पर गंगा हो, हाथों में तिरंगा हो होठों पर गंगा हो, हाथों में तिरंगा हो

ख़ूँ शहीदान-ए-वतन का रंग ला कर ही रहा…

ख़ूँ शहीदान-ए-वतन का रंग ला कर ही रहा

आज ये जन्नत-निशाँ हिन्दोस्ताँ आज़ाद है

न इंतिज़ार करो इन का ऐ अज़ा-दारो

शहीद जाते हैं जन्नत को घर नहीं आते

अलग है भाषा, धर्म जात,

और प्रांत, भेष, परिवेश,

पर हम सब का एक ही गौरव है,

राष्ट्रध्वज तिरंगा श्रेठ।

इस दिन के लिए वीरो ने अपना खून बहाया है,

झूम उठो देशवासियो गणतंत्र दिवस फिर आया है |

गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

वो शमा जो काम आये अंजुमन के लिए,

वो जज्बा जो कुर्बान हो जाये वतन के लिए,

रखते है हम वो हौसले भी जो मर मिटे हिंदुस्तान के लिए ।

वतन हमारा मिसाल मोहब्बत की

तोड़ता है दीवार नफरत की

मेरी खुश नसीबी मिली ज़िन्दगी इस चमन में .

भुला न सके कोई इसकी खुशबु सातों जनम में।

देश भक्तो की बलिदान से स्वतंत्र हुए है हम

कोई पूछे कोन हो तो गर्व से कहेंगे भारतीय है हम।

लड़े जंग वीरों की तरह,

जब खून खौल फौलाद हुआ

मरते दम तक डटे रहे वो,

तब ही तो देश आजाद हुआ।

शम्मा-ए-वतन की लौ पर जब कुर्बान पतंगा हो,

होठों पर गंगा हो और हाथों में तिरंगा हो।

गांधी स्वपन जब सत्य बना

देश तभी गणतंत्र बना

जरा याद करों वीरो की कुर्बानी

जिससे देश गणतंत्र बना।

मेरे जज़्बातों से इस कदर वाकिफ है मेरी कलम,

मैं इश्क भी लिखना चाहूँ तो इंकलाब लिख जाता है ।

उन आँखों की दो बूंदों से सातों सागर हारे हैं,

जब मेहँदी वाले हाथों ने मंगल-सूत्र उतारे हैं।

जो देश के लिए शहीद हुए

उनको मेरा सलाम है

अपने खूं से जिस जमीं को सींचा

उन बहादुरों को सलाम है।

खुशनसीब हैं वो जो वतन पर मिट जाते हैं,

मरकर भी वो लोग अमर हो जाते हैं,

करता हूँ उन्हें सलाम ए वतन पे मिटने वालों,

तुम्हारी हर साँस में तिरंगे का नसीब बसता है।

चलो फिर से खुद को जागते है

अनुसासन का डंडा फिर घूमाते है

सुनहरा रंग है गणतंत्र का सहीदो के लहू से

ऐसे सहीदो को हम सब सर झुकाते ।

ना जियो धर्म के नाम पर,

ना मरो धर्म के नाम पर,

इंसानियत ही है धर्म वतन का बस जियों वतन के नाम पर।

जिसे सींचा लहू से है वो यूँ खो नहीं सकती,

सियासत चाह कर विष बीज हरगिज बो नहीं सकती,

वतन के नाम पर जीना वतन के नाम मर जाना,

शहादत से बड़ी कोई इबादत हो नहीं सकती।

मैं मुल्क की हिफाजत करूँगा

ये मुल्क मेरी जान है

इसकी रक्षा के लिए

मेरा दिल और जां कुर्बान है।

तुझको नमन ऐ मेरे वतन,

महिमा तेरी मैं क्या कहूं?

तेरे गुणों का गुणगान,

मैं हरदम यूं ही करती रहूं।

गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं

भलाई ये कि आज़ादी से उल्फ़त तुम भी रखते हो

बुराई ये कि आज़ादी से उल्फ़त हम भी रखते हैं ।

मेरे देश का मान हमेशा बनाये रखूँगा

दिल तो क्या जान भी इस पर निछावर करूँगा

अगर मिले मौका देश के काम आने का

तो बिना कफ़न के ही देश के लिए सो जाऊंगा ।

वतन हमारा ऐसा कोई न छोड़ पाये,

रिश्ता हमारा ऐसा कोई न तोड़ पाये,

दिल एक है एक है जान हमारी,

हिंदुस्तान हमारा है हम इसकी शान है।

अपनी आजादी को हम हरगिज मिटा सकते नही

सर कटा सकते हैं लेकिन सर झुका सकते नही।

चढ़ गये जो हँसकर सूली, खाई जिन्होंने सीने पर गोली

हम उनको प्रणाम करे हैं, जो मिट गये देश पर

हम सब उनको सलाम करते हैं।

इस दिन के लिए वीरो ने अपना खून बहाया है,

झूम उठो देशवासियों गणतंत्र दिवस फिर आया है।

तैरना है तो समंदर में तैरो नदी नालों में क्या रखा है,

प्यार करना है तो वतन से करो इस बेवफा लोगों में क्या रखा है।

आइये मिलकर लोकतंत्र का जश्न मनाएं

घर-घर तिरंगा लहराए

देश के प्रति सम्मान जताएं।

हैप्पी रिपब्लिक डे 2022

इंडियन होने पर करीए गर्व,

मिलके मनाएं लोकतंत्र का पर्व,

देश के दुश्मनों को मिलके हराओ,

हर घर पर तिरंगा लहराओ।

खून से खेलेंगे होली,

अगर वतन मुश्किल में है

सरफ़रोशी की तमन्ना

अब हमारे दिल में है।

Republic Day Quotes In Hindi 2022

वतन हमारा ऐसा कोई ना छोर पाए, रिश्ता हमारा ऐसा कोई ना तोड़ पाए, दिल एक है एक जान है हमारी, हिन्दुस्तान हमारा है हम इसकी शान हैं। हैप्पी रिपब्लिक दे 

अलग है भाषा, धर्म जात और प्रांत, पर हम सब का एक है गौरव राष्ट्रध्वज तिरंगा श्रेष्ठ।

सभी देशवासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई!

आज़ादी का जोश कभी कम ना होने देंगे, जब भी ज़रूरत पड़ेगी देश के लिए जान लूटा देंगे। क्योंकि भारत हमारा देश है अब दोबारा इस पर कोई आँच ना आने देंगे. जय हिंद!! हैप्पी रिपब्लिक डे!

झंडा लहराना है, वंदे मातरम के गीत गाना है! सुन कर देश को ललकारना है, आओ मिलकर अब स्वप्न देखा जो साकार करना है! हैप्पी रिपब्लिक डे

राष्ट्र के लिए मान-सम्मान रहे, हर एक दिल में हिन्दुस्तान रहे, देश के लिए एक-दो तारीख नही, भारत माँ के लिए ही हर सांस रहे। गणतंत्र दिवस की बधाई!

दे सलामी इस तिरंगे को जिससे तेरी शान हे सर हमेशा उँचा रखना इसका जब तक दिल मे जान हे. *हैप्पी रिपब्लिक डे* भारत माता की जय….

गांधी स्वप्ना जब सत्य बना, देश तभी जब गणतंत्र बना, आज फिर से याद करे वो मेहनत, जो की थी वीरो ने, और भारत गणतंत्र बना. हैप्पी रिपब्लिक डे.

चलो फिर से खुद को जगाते हैं; अनुशासन का डंडा फिर घुमाते हैं; याद करें उन शूरवीरों को क़ुरबानी; जिनके कारण हम इस लोकतंत्र का आनंद उठाते हैं.

हिन्दू-मुस्लिम-सिख-ईसाई हर धर्म की रक्षा की है; सभी वर्ग के लोगों को सम्मान देने की प्रतिज्ञा की है; ऐसा सशक्त और मज़बूत लोकतंत्र किया तैयार; जिसकी हर देशवासी ने दिल से इच्छा की है।

दाग गुलामी का धोया है जान लूटा कर डीप जलाए है, कितने दीप भुझा कर मिली है जब यह आज़ादी तो फिर इस आज़ादी को रखना होगा।

हर दुश्मन से आज बचाकर राष्ट्र के लिए मान-सम्मान रहे, हर एक दिल में हिन्दुस्तान रहे, देश के लिए एक-दो तारीख नही, भारत माँ के लिए ही हर सांस रहे॥ गणतंत्र दिवस की बधाई!

आज सलाम है उन वीरो को जिनके कारन यह दिन आता है वो मां खुशनसीब होती है बलिदान जिनके बच्चों का देश के काम आता है गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।

कुछ नशा तिरंगे की आन का है, कुछ नशा मातृभूमि की शान का है। हम लहराएंगे हर जगह ये तिरंगा, नशा ये हिंदुस्तान की शान का है||

भारत के गणतंत्र का, सारे जग में मान; दशकों से खिल रही, उसकी अद्भुत शान; सब धर्मों को देकर मान रचा गया इतिहास; इसीलिए हर देशवासी को इसमें है विश्वास॥

मैं इसका हनुमान हूँ , ये देश मेरा राम है , छाती चीर के देख लो, अन्दर बैठा हिन्दुस्तान है||

आज़ादी की कभी शाम ना होने देगे शहीदो की कुर्बानी बदनाम ना होने देगे बची है जो 1 बूँद भी लहू की तो भारत माँ का आँचल नीलाम ना होने देगे। हैप्पी रिपब्लिक डे.

आओ देश का सम्मान करे शहीदो की शहादत याद करे एक बार फिर से राष्ट्रा की कमान.. हम

हिन्दुस्तानी अपने हाथ धरे.. आओ.. गणतंत्र दिवस का मान करे….

भारत माता तेरी गाथा, सबसे उँची तेरी शान, तेरे आगे शीश झुकाए, दे तुझको हम सब सम्मान! हैप्पी रिपब्लिक डे.

आज आपने क्या सीखा

आज आपने सीखा Republic Day Shayari के बारे में. मैं उम्मीद करता हूँ, आपको रिपब्लिक डे की शायरी पसंद आया होगा. 26 जनवरी की शायरी आपको कैसी लगी, इसके बारे में कमेंट में जरूर बताये. रिपब्लिक डे से संबंधित आप कुछ पूछना चाहते हैं, तो आप कमेंट में बता सकते हैं. इसके अलावा रिपब्लिक डे शायरी सभी के साथ शेयर करना न भूले. 

Thank You.

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