Top 100+ Hindi Shayari | हिंदी में शायरी 2021

नमस्कार स्वागत हैं, आपका Eachhow हिंदी ब्लॉग में. मेरा नाम विक्की शर्मा हैं. आज के पोस्ट में जानेंगे Hindi Shayari के बारे में. शायरी पढ़ना सभी को पसंद होता हैं और सबसे ज्यादा शायरी लोग हिंदी शायरी पढ़ना पसंद करते हैं. क्या आपको भी हिंदी शायरी पढ़ना पसंद हैं, अगर हाँ, तो मैं आपको टॉप हिंदी शायरी प्रदान करूँगा. जो, आपको बेहद पसंद आयेगा. यहां मैं आपको हिंदी में लाइफ के ऊपर हिंदी शायरी, न्यू हिंदी शायरी, और हिंदी शायरी स्टेटस प्रदान करूँगा. 
Hindi Shayari | हिंदी में शायरी
इसके अलावा अगर आप एक शायर बनाना चाहते हैं, तो आपके यह आज का शायरी काम आ सकता हैं. क्योंकि शायरी के जरिये आप हिंदी शायरी बनाने का आईडिया ले सकते हैं. वही अगर आप शायरी के शौकीन हैं, तो यकीन मानिए आज का शायरी आपके लिए बेहद खास हैं. क्योंकि आज मैंने टॉप के शायरी हिंदी में तलाश करके लाया हैं. 
तो आईये हिंदी शायरी को पढ़ते हैं

Hindi Shayari

फलसफा समझो न असरारे सियासत समझो,
जिन्दगी सिर्फ हकीक़त है हकीक़त समझो,
जाने किस दिन हो हवायें भी नीलाम यहाँ,
आज तो साँस भी लेते हो ग़नीमत समझो.

समझने ही नहीं देती सियासत हम को सच्चाई,
कभी चेहरा नहीं मिलता कभी दर्पन नहीं मिलता.

काँटों से गुजर जाता हूँ दामन को बचा कर,
फूलों की सियासत से मैं बेगाना नहीं हूँ.

बुलंदी का नशा सिमतों का जादू तोड़ देती है,
हवा उड़ते हुए पंछी के बाज़ू तोड़ देती है,
सियासी भेड़ियों थोड़ी बहुत गैरत ज़रूरी है,
तवायफ तक किसी मौके पे घुंघरू तोड़ देती है.

सियासत इस कदर अवाम पे अहसान करती है,
आँखे छीन लेती है फिर चश्में दान करती है.

ऐ सियासत तूने भी इस दौर में कमाल कर दिया,
गरीबों को गरीब अमीरों को माला-माल कर दिया.

लड़ें, झगड़ें, भिड़ें, काटें, कटें, शमशीर हो जाएँ,
बटें, बाँटें, चुभे इक दुसरे को, तीर हो जाएँ,
मुसलसल कत्ल-ओ-गारत की नई तस्वीर हो जाएँ,
सियासत चाहती है हम और तुम कश्मीर हो जाएँ.

सियासत को लहू पीने की लत है,
वरना मुल्क में सब ख़ैरियत है.

एक आँसू भी हुकूमत के लिए ख़तरा है,
तुम ने देखा नहीं आँखों का समुंदर होना.

इन से उम्मीद न रख हैं ये सियासत वाले,
ये किसी से भी मोहब्बत नहीं करने वाले

सियासत की दुकानों में रोशनी के लिए,
जरूरी है कि मुल्क मेरा जलता रहे.

जो तीर भी आता वो खाली नहीं जाता,
मायूस मेरे दिल से सवाली नहीं जाता,
काँटे ही किया करते हैं फूलों की हिफाज़त,
फूलों को बचाने कोई माली नहीं जाता.

वक्त कहता है कि फिर नहीं आऊंगा,
तेरी आँखों को अब न रुलाऊंगा।
जीना है तो इस पल को जी ले,
शायद मैं कल तक न रुक पाऊंगा.

ना जाने कितनी अनकही बातें,
कितनी हसरतें साथ ले जाएगें
लोग झूठ कहते हैं कि
खाली हाथ आए थे और खाली हाथ जाएगें.

अब ना मैं हूँ, ना बाकी हैं ज़माने मेरे​,
फिर भी मशहूर हैं शहरों में फ़साने मेरे​,
ज़िन्दगी है तो नए ज़ख्म भी लग जाएंगे​,
अब भी बाकी हैं कई दोस्त पुराने मेरे.

लू भी चलती थी तो बादे-शबा कहते थे,
पांव फैलाये अंधेरो को दिया कहते थे,
उनका अंजाम तुझे याद नही है शायद,
और भी लोग थे जो खुद को खुदा कहते थे.

हाथ ख़ाली हैं तेरे शहर से जाते जाते,
जान होती तो मेरी जान लुटाते जाते,
अब तो हर हाथ का पत्थर हमें पहचानता है,
उम्र गुज़री है तेरे शहर में आते जाते.

चेहरों के लिए आईने कुर्बान किये हैं,
इस शौक में अपने बड़े नुकसान किये हैं,​
महफ़िल में मुझे गालियाँ देकर है बहुत खुश​,
जिस शख्स पर मैंने बड़े एहसान किये है.

तेरी हर बात ​मोहब्बत में गँवारा करके​,
​दिल के बाज़ार में बैठे हैं खसारा करके​,
​मैं वो दरिया हूँ कि हर बूंद भंवर है जिसकी​,​​
​तुमने अच्छा ही किया मुझसे किनारा करके.

आँख में पानी रखो होंटों पे चिंगारी रखो,
ज़िंदा रहना है तो तरकीबें बहुत सारी रखो,
एक ही नदी के हैं ये दो किनारे दोस्तो,
दोस्ताना ज़िंदगी से मौत से यारी रखो.

अजीब लोग हैं मेरी तलाश में मुझको,
वहाँ पर ढूंढ रहे हैं जहाँ नहीं हूँ मैं,
मैं आईनों से तो मायूस लौट आया था,
मगर किसी ने बताया बहुत हसीं हूँ मैं.

अजनबी ख़्वाहिशें सीने में दबा भी न सकूँ,
ऐसे ज़िद्दी हैं परिंदे कि उड़ा भी न सकूँ,
फूँक डालूँगा किसी रोज़ मैं दिल की दुनिया,
ये तेरा ख़त तो नहीं है कि जला भी न सकूँ.

रोज़ तारों को नुमाइश में ख़लल पड़ता है,
चाँद पागल है अँधेरे में निकल पड़ता है,
रोज़ पत्थर की हिमायत में ग़ज़ल लिखते हैं,
रोज़ शीशों से कोई काम निकल पड़ता है.

Hindi Shayari 2021

हमारा ज़िक्र भी अब जुर्म हो गया है वहाँ,
दिनों की बात है महफ़िल की आबरू हम थे,
ख़याल था कि ये पथराव रोक दें चल कर,
जो होश आया तो देखा लहू लहू हम थे.

इस शहर की भीड़ में चेहरे सारे अजनबी,
रहनुमा है हर कोई, पर रास्ता कोई नहीं,
अपनी-अपनी किस्मतों के सभी मारे यहाँ,
एक-दूजे से किसी का वास्ता कोई नहीं.

कहीं बेहतर है तेरी अमीरी से मुफलिसी मेरी,
चंद सिक्कों की खातिर तूने क्या नहीं खोया है,
माना नहीं है मखमल का बिछौना मेरे पास,
पर तू ये बता कितनी रातें चैन से सोया है.

उसे अब के वफ़ाओं से गुजर जाने की जल्दी थी,
मगर इस बार मुझ को अपने घर जाने की जल्दी थी,
मैं आखिर कौन सा मौसम तुम्हारे नाम कर देता,
यहाँ हर एक मौसम को गुजर जाने की जल्दी थी.

हाथ खाली हैं तेरे शहर से जाते-जाते,
जान होती तो मेरी जान लुटाते जाते,
अब तो हर हाथ का पत्थर हमें पहचानता है,
उम्र गुजरी है तेरे शहर में आते जाते.

उसको रुखसत तो किया था मुझे मालूम न था,
सारा घर ले गया घर छोड़ के जाने वाला,
इक मुसाफिर के सफर जैसी है सब की दुनिया,
कोई जल्दी में कोई देर से जाने वाला.

यार तो आइना हुआ करते हैं यारों के लिए,
तेरा चेहरा तो अभी तक है नकाबों वाला,
मुझसे होगी नहीं दुनिया ये तिजारत दिल की,
मैं करूँ क्या कि मेरा जहान है ख्वाबों वाला.

जरुरी तो नहीं जीने के लिए सहारा हो,
जरुरी तो नहीं हम जिनके हैं वो हमारा हो,
कुछ कश्तियाँ डूब भी जाया करती हैं,
जरुरी तो नहीं हर कश्ती का किनारा हो.

कश्ती है पुरानी मगर दरिया बदल गया,
मेरी तलाश का भी तो जरिया बदल गया,
न शक्ल बदली न ही बदला मेरा किरदार,
बस लोगों के देखने का नजरिया बदल गया.

काफिरों को कभी भी जन्नत नहीं मिलती,
यही सोचकर हमसे मोहब्बत नहीं मिलती,
कोई शाख से तोड़े तुम्हें तो टूट जाना तुम,
खुद-ब-खुद टूटे तो इज्जत नहीं मिलती.

अब आयें या न आयें इधर पूछते चलो,
क्या चाहती है उनकी नजर पूछते चलो,
हम से अगर है तर्क-ए-ताल्लुक तो क्या हुआ,
यारो कोई तो उनकी खबर पूछते चलो.

जो बात मुनासिब है वो हासिल नहीं करते,
जो अपनी गिरह में हैं वो खो भी रहे हैं,
बे-इल्म भी हम लोग हैं ग़फ़लत भी है तेरी,
अफ़सोस कि अंधे भी हैं और सो भी रहे हैं.

खामोशी से बिखरना आ गया है,
हमें अब खुद उजड़ना आ गया है,
किसी को बेवफा कहते नहीं हम,
हमें भी अब बदलना आ गया है,
किसी की याद में रोते नहीं हम,
हमें चुपचाप जलना आ गया है,
गुलाबों को तुम अपने पास ही रखो,
हमें कांटों पे चलना आ गया है.

वक़्त नूर को बेनूर कर देता है,
छोटे से जख्म को नासूर कर देता है,
कौन चाहता है अपनों से दूर रहना,
पर वक़्त सबको मजबूर कर देता है.

किसी को दिल दीवाना पसंद है,
किसी को दिल का नजराना पसंद है,
औरों की तो मुझे ख़बर नही लेकिन,
मुझे तो अपनो का मुस्कुराना पसंद है.

वक़्त का पता नहीं चलता अपनों के साथ,
पर अपनों का पता चलता है वक़्त के साथ,
वक़्त नहीं बदलता अपनों के साथ,
पर अपने ज़रूर बदल जाते हैं वक़्त के साथ.

Do Line Hindi Shayari 

मैंने अपनी खुश्क आँखों से लहू छलका दिया,
इक समंदर कह रहा था मुझको पानी चाहिए.

बहुत गुरूर है दरिया को अपने होने पर,
जो मेरी प्यास से उलझे तो धज्जियाँ उड़ जाएँ.

आते जाते हैं कई रंग मेरे चेहरे पर,
लोग लेते हैं मजा ज़िक्र तुम्हारा कर के.

एक अजीब सी दौड़ है ये ज़िन्दगी,
जीत जाओ तो कई अपने पीछे छूट जाते हैं,
और हार जाओ तो अपने ही पीछे छोड़ जाते हैं

होने वाले ख़ुद ही अपने हो जाते हैं,
किसी को कहकर अपना बनाया नहीं जाता.

सो जा ऐ दिल कि अब धुन्ध बहुत है तेरे शहर में,
अपने दिखते नहीं और जो दिखते हैं वो अपने नहीं.

कुछ लोग तो इसलिये अपने बने हैं अभी,
कि मेरी बर्बादी का दीदार करीब से हो.

न जी भर के देखा न कुछ बात की,
बड़ी आरज़ू थी मुलाक़ात की.

कई साल से कुछ ख़बर ही नहीं,
कहाँ दिन गुज़ारा कहाँ रात की.

उजालों की परियाँ नहाने लगीं,
नदी गुनगुनाई ख़यालात की.

मैं चुप था तो चलती हवा रुक गई,
ज़ुबाँ सब समझते हैं जज़्बात की.

सितारों को शायद ख़बर ही नहीं,
मुसाफ़िर ने जाने कहाँ रात की.

मुक़द्दर मेरे चश्म-ए-पुर अब का,
बरसती हुई रात बरसात की.

एक चेहरा जो मेरे ख्वाब सजा देता है,
मुझ को मेरे ही ख्यालों में सदा देता है.

वो मेरा कौन है मालूम नहीं है लेकिन,
जब भी मिलता है तो पहलू में जगा देता है.

मुझ में बसी हुई थी किसी और की महक,
दिल बुझ गया कि रात वो बरहम नहीं मिला.

बस अपने सामने ज़रा आँखें झुकी रहीं,
वर्ना मिरी अना में कहीं ख़म नहीं मिला.

उस से तरह तरह की शिकायत रही मगर,
मेरी तरफ़ से रंज उसे कम नहीं मिला.

एक एक कर के लोग बिछड़ते चले गए,
ये क्या हुआ कि वक़्फ़ा-ए-मातम नहीं मिला.

मैं जो अन्दर से कभी टूट के बिखरूं,
वो मुझ को थामने के लिए हाथ बढ़ा देता है.

मैं जो तनहा कभी चुपके से भी रोना चाहूँ,
तो दिल के दरवाज़े की ज़ंजीर हिला देता है.

उस की कुर्बत में है क्या बात न जाने मोहसिन,
एक लम्हे के लिए सदियों को भुला देता है.

मैं खिल नहीं सका कि मुझे नम नहीं मिला,
साक़ी मिरे मिज़ाज का मौसम नहीं मिला.

New Hindi Shayari

कभी हसाता है ये प्यार,
कभी रुलाता है ये प्यार,
हर पल की याद दिलाता है ये प्यार,
चाहो या न चाहो पर आपके होने का,
एहसास दिलाता है ये प्यार.

लोग कहते हैं किसी एक के चले जाने से जिन्दगी अधूरी नहीं होती,
लेकिन लाखों के मिल जाने से उस एक की कमी पूरी नहीं होती है.

👸👈तेरे 💏प्यार❤का
कितना खूबसूरत​​😘एहसास है,​
​दूर होकर भी🤔लगता है…😘 जैसे 👉👸 तू हर पल 👦मेरे आस पास है.
🌹💖​……. 💞💞

👉सुन 🙅पगली 👩अगर देखना 👀👁ही है 👫तो प्यार 💘से 👁👁देख⚡
⚡ऐसे ♂♀😘टेढ़े🌀टेढ़े तो तेरे🌈 घरवाले 👬भी देखते 💝हैं➿

जिन्हें एहसास 😌ही ना 😠हो,
उनसे गिले शिकवे😈 करना बेकार😒है !!

अजीब सी जंग छिड़ी है रात के आलम में,
आँख कहती है सोने दे, दिल कहता है रोने दे..!!!

आज 😂खामोश हूँ🚶 क्योंकि ✍वक्त पर नहीं जोर☝ मेरा,
जब वक्त ✊बदलेगा तो 👉🏿हर तरफ होगा शोर💪 मेरा !!👌

😀प्यार करूंगा तो निरमा पावड़र वाली से
क्योंकि😘
वो कहती है
पहले इस्तमाल करो
फिर विश्वास करो☺

*मैं तेरा बॉयफ्रेड* 👤
*तु मेरी गर्लफ्रेंड* 💃

*घरवाले कहतें:* 👥
*”ना ना ना ना!”* 💔😜
😂😂😂

लोग कहते हैं प्यार करना मुश्किल है
और टीचर कहती थी
जो चीज मुश्किल लगे
उसे बार बार रीपीट किया करो😂😂😂😂

कितनी विचित्र बात है, प्रेम अपनी राह भटक जाता हैँ और नफरत अक्सर मंजिल पार कर जाती हैँ.

कदम कदम पर बहारो ने साथ छोडा, जरुरत पडने पर यारो ने साथ छोडा, बादा किया सितारोँ ने साथ निभाने का, सुबह होने सितारो ने साथ छोडा.

वैसे ही दिन वैसी ही रातें हैं, वही रोज का फ़साना लगता है, अभी महीना भी नहीं गुजरा और यह साल अभी से पुराना लगता है.

यूँ बदल जाते है मौसम हमें मालूम न था, प्यार है प्यार का मातम हमें मालूम न था, इस मोहब्बत में यहाँ किसका भला होना है, हर मुलाक़ात की किस्मत में जुदा होना है.

न हाथ थाम सके और न पकड़ सके दामन, बहुत ही क़रीब से गुज़र कर बिछड़ गया कोई.

शायद ये वक़्त हमसे कोई चाल चल गया, रिश्ता वफ़ा का और ही रंगों में ढल गया, अश्क़ों की चाँदनी से थी बेहतर वो धूप ही, चलो उसी मोड़ से शुरू करें फिर से जिंदगी.

याद जब आती है तुम्हारी तो सिहर जाता हूँ मैं, देख कर साया तुम्हारा अब तो डर जाता हूँ मैं, अब न पाने की तमन्ना है न है खोने का डर, जाने क्यूँ अपनी ही चाहत से मुकर जाता हूँ मैं.

किस्मत बुरी या मैं बुरा… ये फैसला न हो सका, मैं हर किसी का हो गया कोई मेरा न हो सका.

छोंड़ गए हमको वो अकेले ही राहों में, चल दिए रहने वो गैर की पनाहों में, शायद मेरी चाहत उन्हें रास नहीं आयी, तभी तो सिमट गए वो औरों की बाँहों में.

वक्त की एक आदत बहुत अच्छी है, जैसा भी हो गुजर जाता है, कामयाब इंसान खुश रहे ना रहे, खुश रहने वाला इंसान कामयाब जरूर हो जाता है.

Life Hindi Shayari

समंदर न सही पर एक नदी तो होनी चाहिए,
तेरे शहर में ज़िंदगी कहीं तो होनी चाहिए.

इक टूटी-सी ज़िंदगी को समेटने की चाहत थी,
न खबर थी उन टुकड़ों को ही बिखेर बैठेंगे हम.

फिक्र है सबको खुद को सही साबित करने की,
जैसे ये ज़िंदगी, ज़िंदगी नहीं, कोई इल्जाम है.

ले दे के अपने पास फ़क़त एक नजर तो है,
क्यूँ देखें ज़िंदगी को किसी की नजर से हम.

नफरत सी होने लगी है इस सफ़र से अब,
ज़िंदगी कहीं तो पहुँचा दे खत्म होने से पहले.

ज़िंदगी जिसका बड़ा नाम सुना है हमने,
एक कमजोर सी हिचकी के सिवा कुछ भी नहीं.

एक उम्र गुस्ताखियों के लिये भी नसीब हो,
ये ज़िंदगी तो बस अदब में ही गुजर गई.

हर बात मानी है तेरी सिर झुका कर ऐ ज़िंदगी,
हिसाब बराबर कर तू भी तो कुछ शर्तें मान मेरी.

अब समझ लेता हूँ मीठे लफ़्ज़ों की कड़वाहट,
हो गया है ज़िंदगी का तजुर्बा थोड़ा थोड़ा.

मुझे ज़िंदगी का इतना तजुर्बा तो नहीं है दोस्तों,
पर लोग कहते हैं यहाँ सादगी से कटती नहीं.

मंजिलें मुझे छोड़ गयी रास्तों ने संभाल लिया,
जिंदगी तेरी जरूरत नहीं मुझे हादसों ने पाल लिया.

कभी खोले तो कभी ज़ुल्फ़ को बिखराए है,
ज़िंदगी शाम है और शाम ढली जाए है.

पहले से उन कदमों की आहट जान लेते हैं,
तुझे ऐ ज़िंदगी हम दूर से पहचान लेते हैं.

थोड़ी मस्ती थोड़ा सा ईमान बचा पाया हूँ,
ये क्या कम है मैं अपनी पहचान बचा पाया हूँ,
कुछ उम्मीदें, कुछ सपने, कुछ महकती यादें,
जीने का मैं इतना ही सामान बचा पाया हूँ.

है अजीब शहर की ज़िंदगी
न सफर रहा न क़याम है
कहीं कारोबार सी दोपहर
कहीं बदमिजाज़ सी शाम है.

छोड़ ये बात कि मिले ज़ख़्म कहाँ से मुझको,
ज़िंदगी इतना बता कितना सफर बाकी है.

देखा है ज़िंदगी को कुछ इतना करीब से,
चेहरे तमाम लगने लगे हैं अब तो अजीब से.

ज़िन्दगी से पूछिये ये क्या चाहती है,
बस एक आपकी वफ़ा चाहती है,
कितनी मासूम और नादान है ये,
खुद बेवफा है और वफ़ा चाहती है.

शतरंज‬ खेल रही है मेरी ‪जिंदगी‬ कुछ इस तरह,
कभी तेरी मोहब्बत मात देती है कभी मेरी ‪किस्मत.

जो लम्हा साथ है उसे जी भर के जी लेना,
ये कम्बख्त जिंदगी भरोसे के काबिल नहीं है.

तंग आ चुके हैं कशमकश-ए-ज़िंदगी से हम,
ठुकरा न दें जहाँ को कहीं बे-दिली से हम,
लो आज हमने छोड़ दिया रिश्ता ए उमीद,
लो अब कभी किसी से गिला ना करेगे हम,
पर जिंदगी मे मिल गये इत्तेफ़ाक से
पुछेगे अपना हाल तेरी बेबसी से हम.

अब तो अपनी तबियत भी जुदा लगती है,
सांस लेता हूँ तो ज़ख्मों को हवा लगती है,
कभी राजी तो कभी मुझसे खफा लगती है,
जिंदगी तू ही बता तू मेरी क्या लगती है.

हद-ए-शहर से निकली तो गाँव गाँव चली,
कुछ यादें मेरे संग पाँव पाँव चली,
सफ़र जो धूप का किया तो तजुर्बा हुआ,
वो जिंदगी ही क्या जो छाँव छाँव चली.

ज़िन्दगी हर पल ढलती है,
जैसे रेत मुट्ठी से फिसलती है,
शिकवे कितने भी हो किसी से,
फिर भी मुस्कराते रहना,
क्योंकि ये ज़िन्दगी जैसी भी है,
बस एक ही बार मिलती है.

Hindi Shayari Status

💞 *हम तो फूलों की तरह,*
*अपनी आदत से बेबस हैं…!*

*तोडने वाले को भी,*
*खुशबू की सजा देते हैं..!!* 💞

ना__किसी__के
आभाव__में__जीता__हूँ!!
ना__किसी__के__
प्रभाव__में__जीता__हूँ!!
ज़िन्दगी__मेरी__है!!
बस__अपने__मस्त__👌
स्वभाव__में__जीता__हूँ!😎😉

मैंने कब कहा मुझे गुलाब दे,
या फिर अपनी महोब्बत से
नवाज़ दे…

आज बहुत उदास है मन मेरा
गैर बनके ही सही….

तू बस मुझे आवाज़ दे💘

पुराने जमाने मे लोग शर्म से ही मर जाते थे

और आज के जमाने मे जहर भी असर नही करता 😜😜😜😂😂

मुझे दुख इस बात का नहीं कि…

अब तक मेरी शादी नहीं हुई बल्कि दुख इस बात का है कि…

मेरी वजह से किसी की बेटी कुंवारी बैठी हुई है….. 🤣😂

में 😎ऐसी 👌🏼आदत्त 😇नही ❌लगाता 🤫
जो😏 मेरी 😎कमज़ोरी 😰बन 💔जाए.

वसीहत 📝लिखवाने ✏️से ❗️कोई ❌फ़रक 🚫नही 🚯पड़ता
ये 😇तो उड़ान 🦅बताती 💪है आसमान✨ किसका 🤔 है.

🆕 सियासत 🏢 इस 🅻 तरह ☝ आवाम 👬👬 पर एहसान 😏 करती हैं ♨
पहले 🅹 आँखे 👀 फौड़ ⚡ देती 🗡 हैं 😢 फिर चश्में 🕶 दान 🙌 करती हैं 💯😢

औकात💵 और ☝🏻धर्म 🙏🏻देख 👀के दोस्ती 👬नही🙅🏻‍♂ करता 😒जो ☝🏻दिल ❤को अच्छा ☺लगता है ☝🏻उसी से दोस्ती 👬करता😋 हूँ

Be_Heartly 💘👑

हमारा _अंदाजा кσι ना लगाये तो ही тнιк रहेगा,,,,
क्युकी
अंदाज़ा तो Bαrιѕн का _लगाया जाता है.. Tυfαи का नहीं…😎

छोटे से दिल 💌 में गम बहुत है, जिन्दगी में मिले जख्म 😒 बहुत हैं, मार ही डालती कब की ये दुनियाँ 🌍 हमें, कम्बखत दोस्तों की दुआओं 😏 में दम बहुत है.

रिश्तों की यह दुनिया 🌍 है निराली, सब रिश्तों से प्यारी है दोस्ती 🤼 तुम्हारी, मंज़ूर है आँसू भी आखो 😥 में हमारी, अगर आजाये मुस्कान होंठ पे तुम्हारी.

सुबह 🌄 होते ही जब दुनिया आबाद होती है, आँख 👀 खुलते ही आपकी याद आती है, खुशियों के फूल🌹हो आपके आँचल में, ये मेरे होंठों पे पहली फ़रियाद होती है.

नफरत को हम प्यार 😘 देते है, प्यार पे खुशियाँ वार 🤗 देते है, बहुत सोच समझकर 🤔 हमसे कोई वादा करना, “ऐ दोस्त” हम वादे 😏 पर जिदंगी गुजार देते है.

फूल 🌺 बनकर मुस्कुराना जिन्दगी है, मुस्कुरा के गम भूलाना 😏 जिन्दगी है, मिलकर लोग खुश होते है तो 🙄 क्या हुआ, बिना मिले दोस्ती 😊 निभाना भी जिन्दगी है.

साहिल पर खड़े-खड़े 🏞️ हमने शाम कर दी, अपना दिल 💓 और दुनिया 🌍 आप के नाम कर दी, ये भी न सोचा कैसे 🤔 गुज़रेगी ज़िंदगी, बिना सोचे-समझे हर ख़ुशी आपके 😏 नाम कर दी.

दोस्ती हर चहरे की मीठी मुस्कान 😊 होती है, दोस्ती ही सुख दुख 😏 की पहचान होती है, रूठ भी गऐ हम तो दिल 💞 पर मत लेना, क्योकि दोस्ती जरा सी 🤗 नादान होती है.

कहती है दुनिया 🌍 जिसे प्यार, नशा है, खताह है! हमने भी किया है 💞 प्यार, इसलिए हमे भी पता है! मिलती है थोड़ी खुशियाँ 😏 ज्यादा गम! पर इसमें ठोकर खाने का भी कुछ अलग ही मज़ा है.

अगर दुनिया 🌍 में जीने की चाहत ना होती, तो खुदा ने मोहब्बत 💞 बनाई ना होती, लोग मरने की आरज़ू 🤔 ना करते, अगर मोहब्बत में बेवाफ़ाई 😒 ना होती.

आज आपने क्या सीखा

आज आपने सीखा Hindi Shayari के बारे में. मुझे उम्मीद हैं, आपको आज का हिंदी शायरी पसंद आया होगा, अगर पसंद हैं तो अपने रिश्तेदारों को हिंदी शायरी शेयर करना न भूले. हिंदी शायरी से संबंधित आपके मन में किसी तरह का सवाल उत्तपन्न हो रहा हैं, तो आप कमेंट में लिख सकते हैं. इसके अलावा पोस्ट आपको कैसा लगा, कमेंट में जरूर बताये. 

Thank You.

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